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बृहस्पति ग्रह कि जानकारी व उपाय, श्री श्याम चौरासी ,श्याम जी की आरती

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  बृहस्पति ग्रह   बृहस्पति देवताओ के गुरु है,देवगुरु का दर्जा प्राप्त है। वे महर्षि अंगिरा और उनकी पत्नी स्वरूपा के पुत्र हैं और नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। यह ज्ञान, भाग्य, धन, उच्च शिक्षा, और आध्यात्मिकता के प्रमुख कारक हैं। बृहस्पति ग्रह उच्च शिक्षा, दर्शन, और सही निर्णय लेने की क्षमता के प्रतीक हैं। इन्हें धन, संपत्ति, और सौभाग्य का दाता माना जाता है। बृहस्पति ग्रह महिलाओं की कुंडली में यह विवाह के मुख्य कारक हैं। इसके साथ ही, यह संतान सुख को भी नियंत्रित करते हैं। बृहस्पति ग्रह शरीर में पाचन तंत्र, लीवर, और फैट को नियंत्रित करते हैं।   जिस जातक की कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, जातक को व्यापार और नौकरी में निरंतर सफलता मिलती है, और धन-संपत्ति का संचय आसानी से होता है। व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता बेहतरीन होती है और उसे उच्च शिक्षा तथा बौद्धिक कार्यों में विशेष सफलता प्राप्त होती है। वह ज्ञानी, दयालु, और समाज में सम्मानित होता है। उसे भाग्य का पूरा साथ मिलता है।  अच्छे जीवनसाथी का सुख, वैवाहिक जीवन में मधुरता और आज्ञाकारी संतान की...

बुद्ध ग्रह के उपाय श्री गणेश चालीसा,आरती,बुद्ध ग्रह की जानकारी व उपाय

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बुध ग्रह    बुध ग्रह  बुद्ध की उत्पत्ति अत्रि गोत्र में मानी जाती है बुद्ध चेतन इच्छा सदाचार मानव जीवन में तरक्की और चेतना शक्ति का मुख्य रूप से प्रतिनिधित्व करता है ऐश्वर्या प्रेम उदारता आकांक्षा आत्मविश्वास अधिकारी है संतुलित करता है यह पुरातन बेटा आविष्कार करता राजा मंत्री आदि का भी प्रतिनिधित्व करता है हृदय रक्त का संचालन आंख कान हड्डी आदि पर भी बुद्ध अपना अधिक से अधिक प्रभाव डालता है बुधवार का दिन गणेश जी का होता है| वो सभी  देवताओं में सबसे प्र‍िय हैं, इसलिए उनकी पूजा सभी देवताओं से पहले की जाती है| उनकी पूजा-अर्चना करने से घर में सुख शांति और समृद्ध‍ि आती है. जानकार मानते हैं कि अगर बुधवार के दिन कुछ उपाय किये जाए तो बुध ग्रह का अच्छा प्रभाव पड़ता है.बुध ग्रह से दमा और अन्य रोग | सांस की बीमारियां बुध के दूषित होने से होती हैं। बहुत खराब बुध से ...

सोमवती अमावस्या का विभिन राशि पर प्रभाव व उपाय

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  https://youtu.be/-GvfgTXBsoo सोमवती अमावस्या का विभिन राशि पर प्रभाव व उपाय सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं ।सोमवती अमावस्या वाले दिन नदियों में स्नान, दान, मौन व्रत, और पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है । सोमवती अमावस्या का  व्रत महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है । इसके साथ ही, पितरों की शांति के लिए सोमवती अमावस्या का दिन अत्यंत उत्तम माना जाता है । सोमवती अमावस्या का  किसी भी धार्मिक कार्य, जप, या दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल (अक्षय फल) प्राप्त होता है ।  विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए यह व्रत रखती हैं । सोमवती अमावस्या को पितृ तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को शांति मिलती है और पितृ दोष से मुक्ति प्राप्त होती है । इस दिन पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करने की परंपरा है, जो सुख-समृद्धि और आरोग्य प्रदान करती है ।  यदि सोमवती अमावस्या वाले  दिन मौन रहकर स्नान और जप किया जाए, तो सहस...