महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि आती है | फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व पड़ता है | पुरे वर्ष भर में 12 शिवरात्रि आती है | फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पड़ती है | महाशिवरात्रि पर प्रात: स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।इसके बाद पूजा आरंभ करें।शिवरात्रि का व्रत पूरी श्रद्धा व भाव से करना चाहिए तभी इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है।इसके साथ ही महाशिवरात्रि के व्रत का पारण भी विधि पूर्वक करना चाहिए। सूर्योदय और चतुर्दशी तिथि के अस्त होने के मध्य समय में ही व्रत पारण करना चाहिए। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा चार बार की जाती है। इस दिन भगवान की पूजा रात्रि के समय एक बार या फिर संभव हो तो चार बार करनी चाहिए. वेदों में रात्रि के चार प्रहर बताए गए हैं।इस दिन हर प्रहर में भगवान शिव पूजा की जाती है। महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था | सारा दिन भगवान आशुतोष का ध्यान करें।अगर कोई मंत्र जपते है तो उसका जाप करें नहीं है तो ॐ नम शिवाय ...