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इंदिरा एकादशी

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  इंदिरा एकादशी https://youtu.be/Ff3mtN8KK5o?si=mIh57bMtAejf4W-g अश्विन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं | यह एक मात्र ऐसी एकादशी है जो पितृ पक्ष में पड़ती है | मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से व्रती को पितृ पक्ष में श्राद्ध करने के समान फल की प्राप्ति होती है|इसलिए इंदिरा एकादशी व्रत अन्य एकादशियों के व्रत की तुलनामें बेहद खास हो जाता है | आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है | एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि आप मुझे आश्विन कृष्ण एकादशी व्रत के महव के बारे में बताएं | तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे कहा कि इस व्रत को इंदिरा एकादशी व्रत के नाम से जानते हैं. इस व्रत को करने से पुण्य प्राप्त होता है व पितरों की मुक्ति होती  है | इंदिरा एकादशी व्रत कथा एक समय में  इंद्रसेन नामक राजा महिष्मति नगर पर शासन करता था | राजा  विष्णु भगवान का भक्त था,उसके पास किसी चीज की कमी नहीं थी | एक दिन उसके राजदरबार में नारद मुनि पधारे. राजा ने उनका आदर सत्कार किया और आने का प्रयोजन पूछा | ...

स्मरणीय दिवस

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                                                        स्मरणीय दिवस अक्टूबर माह हेतु 1 अक्टूबर पेशावर सत्याग्रह के वीर गढ़वाली सैनिक चन्द्रसिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि (1979 ई.)। ब्रिटिश मूल की भारतीय स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती एनी बिसेंट की जयन्ती (1847 ई.)। 2 अक्टूबर गाँधी जयन्ती 1889 ई.। द्वितीय प्रधानमंत्री व सादगी की प्रतिमूर्ति लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (1904 ई.)। 3 अक्टूबर आसाम के महान सेनापति लाचित फूकन द्वारा मुगल सेना की भीषण पराजय (1607 ई.)। राष्ट्रवादी इतिहासकार एवं पुरातत्वविद् डॉ. स्वराजप्रकाश गुप्त की पुण्यतिथि (2007 ई.)। 4 अक्टूबर छत्रपति शिवाजी का द्वितीय वार राज्याभिषेक (1674 ई.)। महान क्रांतिकारी श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयन्ती (1847 ई.)। 5 अक्टूबर गढ़मंडला की वीर रानी दुर्गावती की जयन्ती (1524 ई.)। केरल में हिन्दू शक्ति के सर्जक व संघ के प्रथम प्रान्त प्रचारक भास्कर राव कलम्बी की जयन्ती (1919 ई.)। 7 अक्टूबर संघ व कल्याण आ...

अमृत वचन

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  अमृत वचन परम पूज्य डॉ हेडगेवार जी हिंदू जाति का सुख ही मेरा और मेरे कुटुंब का सुख है हिंदू जाति पर आने वाली विपत्ति हम सभी के लिए महासंकट है और हिंदू जाति का अपमान हम सभी का अपमान है ऐसी आत्मीयता की वृत्ति हिंदू समाज के रोम-रोम में व्याप्त होनी चाहिए यही राष्ट्र धर्म का मूल मंत्र है|   परम पूज्य श्री गुरूजी छोटी-छोटी बातों को नित्य ध्यान रखें बूंद बूंद मिलकर ही बड़ा जलाशय बनता है एक एक त्रुटि मिलकर ही बड़ी बड़ी गलतियां होती है इसलिए शाखाओं में जो शिक्षा मिलती है उसके किसी भी अंश को नगण्य अथवा कम महत्व का नहीं मानना चाहिए  परम पूजनीय सरसंघचालक डाॅ. श्री मोहन भागवत जी सदियों के संकटों से जूझने के बाद भारत और अधिक सशक्त होकर उभरा है, तथा हमारा राष्ट्र अब भौतिक और आध्यात्मिक प्रगति के पथ पर निश्चित रूप से आगे बढ़ रहा है। हम सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि हमें भारत की अजेय प्रगति को दर्शाने वाली घटनाओं और घटनाओं के साक्षी बनने का अवसर मिला है।                         - पंडित दीनदयाल उपाध्याय (गुरु दक्षिणा के लिए)...

परिवर्तनी ( प‌द्मा ) एकादशी कथा

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  परिवर्तनी ( प‌द्मा )  एकादशी कथा सुनने के लिए क्लिक करें - https://youtu.be/dX-MvXuXbbI?si=lG_JQ5xVRxGHf-iQ परिवर्तनी एकादशी को प‌द्मा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह श्रीलक्ष्मी जी का परम आह्लादकारी व्रत है। यह भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषशैय्या पर शयन करे हुए करवट बदलते हैं। इसीलिये इसे करवटनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा करना उत्तम माना जाता है, क्योंकि देवताओं ने अपने राज्य को फिर से पाने के लिये महालक्ष्मी का ही पूजन किया अर्चना की थी। परिवर्तनी (प‌द्मा) एकादशी की कथा - त्रेता युग में प्रहलाद का पौत्र राजा राज्य करता था। वह ब्राह्मणों का सेवक तथा भगवान विष्णु का उपासक था और इन्द्र आदि सभी देवताओं का शत्रु था। अपने बल के कारण उसने देवताओं पर विजय प्राप्त कर ली और इन्द्र से इन्द्रासन छीन कर देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया। देवताओं को दुखी देखकर भगवान ने बामन का वेष धारण करके बलि के द्वार पर आकर भिक्षा मांगते हुए कहा- "हे राजन मुझे केवल तीन पग भूमि का दान चाहिए।" राजा बलि ने उत्तर दिया- ...

जानकारी काल सितंबर - 2024

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  जानकारी काल      वर्ष-25   अंक - 05    सितंबर - 2024,  पृष्ठ 40                     www.sumansangam.com      प्रधान संपादक व  प्रकाशक  सतीश शर्मा   कार्यालय  ए 214 बुध नगर इंद्रपुरी  नई दिल्ली 110012  मोबाइल    9312002527  संपादक मंडल  सौरभ  शर्मा, कपिल शर्मा, गौरव शर्मा, डॉ अजय प्रताप सिंह,  करुणा ऋषि,  डॉ मधु वैध, राजेश शुक्ल   प्रकाशक व मुद्रक  सतीश शर्मा के लिय ग्लैक्सी प्रिंटर- 106 F, कृणा नगर नई दिल्ली 110029 , A- 214 बुध नगर इन्दर पूरी नई दिल्ली  110012 से प्रकाशित | सभी लेखों पर संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है पत्रिका में किसी भी लेख में आपत्ति होने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई केवल दिल्ली कोर्ट में ही होगी  R N I N0-68540/98 मूल्य 02-50  sumansangam.com jaankaarikaal.blogspot.com         अनुक्रमणिका अपनों से अपनी बात - 3   21 वीं सदी के ...