भगवान शिव की उपासना का महीना है श्रावण मास
भगवान शिव की उपासना का महीना है श्रावण मास सतीश शर्मा श्रावण मास (सावन का महीना) हिन्दू पंचांग का पाँचवा पवित्र महीना है, जिसका नाम ‘श्रवण नक्षत्र’ पर पड़ा है। इसका शाब्दिक अर्थ ‘सुनना’ या ‘श्रवण करना’ है, जो धार्मिक कथाएँ और ज्ञान प्राप्त करने का संकेत देता है। इस मास की पूर्णिमा को चंद्रमा ‘श्रवण नक्षत्र’ के पास होता है, इसलिए इसे श्रावण मास कहा जाता है। इस माह में कथा, पुराण और गुरुओं के वचन सुनकर धर्म को समझने का विशेष विधान है। यह पूरा महीना देवों के देव महादेव भगवान शिव को अतिप्रिय माना गया है। भक्त इस दौरान सोमवार का व्रत, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी मास में समुद्र मंथन हुआ था जिससे निकले विष को शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। सनातन धर्म में श्रावण मास (सावन) भगवान शिव की उपासना, उपवास का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, जिसमें शिव भक्त जलाभिषेक, कांवड़ यात्रा और सोमवार व्रत रखते हैं। भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध और गंगाजल अर्पित करने से विशेष पुण्य मिलता है। इसी मास में समुद्र मंथन से...