संदेश

जून, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुरु, ज्ञान और आध्यात्मिक विकास का स्रोत

चित्र
  गुरु, ज्ञान और आध्यात्मिक विकास का स्रोत सतीश शर्मा  गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, और यह दिन गुरुओं के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए समर्पित है। इस दिन, शिष्य अपने गुरुओं का पूजन करते हैं, उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था।  गुरु बिना ज्ञान नहीं मिलता ओर ज्ञान नहीं तो जीवन में सम्मान भी नहीं मिलेगा।  हिन्दू-जीवन में गुरू का महत्व बहुत अधिक है। हम अपनी माँ और पिताजी को देव-समान मानते हैं। उसके बाद हमें समाज में जो स्थान देते हैं, वह अपना गुरू है। इसलिए प्राथमिक प्रकाश जब माता-पिता देते हैं उसके बाद ज्ञान का प्रकाश दुनिया की जानकारी देने वाले व्यक्ति को हम गुरू कहते हैं। इसलिए माता भी देव-समान हैं। गुरू भी देव समान है। इसलिए अपने उपनिषदों में सर्वप्रथम कहा- मातृ देवो भव, माता देव के समान हो, इसके बाद पितृ-देवो भव पिता भी ईश्वर के समान उसके बाद तीसरा शब्द है आचार्यः देव...

जून माह का पंचांग

चित्र
कथा कहानी सुनने के लिए के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें - https://youtube.com/@satishsharma7164?si=VL7m3oHo7Z6pwozC  श्रीं श्याम देवाय नमः।। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।। My Website  https://www.sumansangam.com/blog/   वर्षफल व जन्मपत्री बनवाने व दिखाने के लिए संपर्क करें शर्मा जी - 9312002527,9560518227 व निम्नलिखित फॉर्म भरे https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdKcPy83LAALZqG2Te-Vn2RvC7qthkg0TT dzz6xX317iGhyxQ/ viewform?usp=sf_link    भारतीय व्रतोत्सव जून - 2025 . 1- स्कन्द षष्ठी, विन्ध्यवासिनी पूजा,दि. 3- दुर्गाष्टमी, धूमावती जयंती, मेला क्षीरभवानी (काश्मीर), दि. 5- गंगा दशहरा, श्री बटुक भैरव जयंती,दि.6-निर्जला एकादशी व्रत,दि.8 - प्रदोष व्रत,दि. 10-सत्य व्रत, दि. 11-कबीर जयंती, वट् सावित्री व्रत (द. भा.),दि. 11-गुरु हरगोविन्द सिंह जयंती, दि. 14-श्री गणेश चतुर्थी व्रत,दि.15-संक्रांति पुण्य,दि.18-कालाष्टमी,दि.21-योगिनी एकादशी व्रत (स्मा.), दि. 22-योगिनी एकादशी व्रत (वै.),दि.23-सोम प्रदोष, मास शिवरात्रि,दि.25-अमावस्या पुण्य, दि.26-गुप्त नवरात्र प्रारम्भदि .2...

ताड़ासन

चित्र
ताड़ासन सतीश शर्मा             ताड़ासन, योग की एक विथ आसन का एक भाग  है ।  जिसमें सीधे खड़े होकर शरीर को ऊपर की ओर खींचना होता  है। यह आसन शरीर को सीधा रखने, संतुलन बनाने और एकाग्रता में सुधार करने में मदद करता है।  ताड़ासन करने का तरीका – सीधे खड़े हो जाएं, पैर साथ में और हाथ शरीर के बगल में लगें हो ।  शरीर को सीधा रखें और पैरों पर समान रूप से वजन डाल कर खड़े हो । सांस भरते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और उंगलियों को आपस में फंसा लें। हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और एड़ी को भी ऊपर उठाएं। कुछ देर इसी स्थिति में रहें, सांस लेते और छोड़ते रहें। सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं और सामान्य स्थिति में आ जाएं।  ताड़ासन के लाभ – शरीर को सीधा रखने में मदद करता है, जिससे मुद्रा में सुधार होता है। संतुलन और एकाग्रता में सुधार करता है व बढ़ाता हैं । पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है । तनाव और थकान को कम करने में मदद मिलती है। बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।  इस आसन के अभ्यास से ...

गौमुखासन

चित्र
  गोमुखासन सतीश शर्मा  गोमुखासन, जिसे गाय के चेहरे की मुद्रा भी कहा जाता है, गौमुख आसन है जो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से लाभ प्रदान करता है। यह आसन पैरों और हाथों को एक विशिष्ट स्थिति में रखकर किया जाता है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव और लचीलापन आता है।  गोमुखासन करने का तरीका - योग मैट पर सुखासन (सुखद आसन) मुद्रा में बैठ जाएं। बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर के नीचे से बाहर निकालें। बाएं घुटने को दाएं नितंब के नीचे रखें। दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर रखें, घुटने एक-दूसरे से मिलें। दाएं हाथ को ऊपर उठाएं और कोहनी को मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं। बाएं हाथ को भी कोहनी से मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं और दोनों हाथों को आपस में बांध लें।हाथों को बांधने के बाद, दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में मिला लें।इस मुद्रा में कुछ देर तक रहें, गहरी सांस लें और छोड़ें।इस आसन को बाएं व दाएं दोनों तरफ से करें ।  गोमुखासन के लाभ - यह आसन शरीर के विभिन्न हिस्सों को लचीला बनाने में मदद करता है, खासकर कंधों, जांघों, और रीढ़ की हड्डी को। यह आसन कमर दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। यह ...

जानकारीकाल हिन्दी मासिक जून -2025

चित्र
  जानकारी काल      वर्ष-26   अंक - 01        जून - 2025 ,  पृष्ठ 40                   www.sumansangam.com     योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाए    प्रधान संपादक व  प्रकाशक  सतीश शर्मा   कार्यालय  ए 214 बुध नगर इंद्रपुरी  नई दिल्ली 110012  मोबाइल    9312002527  संपादक मंडल  सौरभ  शर्मा, कपिल शर्मा, गौरव शर्मा, डॉ अजय प्रताप सिंह,  करुणा ऋषि,  डॉ मधु वैध, राजेश शुक्ल   प्रकाशक व मुद्रक  सतीश शर्मा के लिय ग्लैक्सी प्रिंटर- 106 F, कृणा नगर नई दिल्ली 110029 , A- 214 बुध नगर इन्दर पूरी नई दिल्ली  110012 से प्रकाशित | सभी लेखों पर संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है पत्रिका में किसी भी लेख में आपत्ति होने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई केवल दिल्ली कोर्ट में ही होगी  R N I N0-68540/98 मूल्य 02-50  sumansangam.com jaankaarikaal.blogspot.com अनुक्रमणिका अपनों से अपनी बात - 3  हिंद...