शारदीय नवरात्र दुर्गासप्तशती में हर समस्या के लिए एक विशेष मंत्र
शारदीय नवरात्र विडियो देखने के लिए किल्क करे - https://youtu.be/mlbXMeQGctI ॐ खड्गं चक्रगदेषुचापपरिघात्र्छूलं भुशुण्डीं शिर:शङ्खं संदधतीं करैस्त्रिनयनां सर्वांगभूषावृताम् । नीलाश्म धुतिमास्यपाददशकां सेवे महाकालिका ं यामस्तौव्स्वपिते ह्वरौ कमलजो हन्तुं मधुंकैटभम्। । शारदीय नवरात्र अश्विनी मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक होते हैं | कलश स्थापना मुहर्त - 26 सितम्बर को प्रातः काल सूर्योदय के बाद 4 घंटे तक अथवा अभिजीत मुहूर्त 11:47 से 12:36 तक में ही नवरात्र प्रारंभ घट स्थापन दी पूजन आदि करनी चाहिए | सूर्योदय - 06-10 सबेरे | कलश स्थापना - कलश स्थापना करने के लिए गंगाजल, रोली, मोली, पान,कलश, सुपारी, नारियल, धूपबत्ती, घी का दीपक, फल, फूल की माला, बिल्वपत्र, चावल, केले के पत्ते, आम के पत्ते, बंदनवार के लिय,चंदन,हल्दी की गांठ, लाल वस्त्र, जो, बतासे, सुगंधित तेल, सिंदूर, कपूर, पंच सुगंध, नैवेद्य के लिए फल, पंचामृत के लिए दूध दही मधु, दुर्गा जी की मूर्ति, कुमारी पूजन के लिए वस्त्र, आभूषण, इत्यादि लेकर हम सवेरे स्नान करके और माता के चरणों में ध्यान लगा कर ...