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भारत बदल रहा है

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क्या आपने महसूस किया कि पांच वर्षों में देश के भीतर कुछ नए तीर्थ पैदा हो गए हैं... ? कभी सोचा कि इन वर्षों में देशवासियों की सैरगाहें भी तेजी से बदल गई है ..? नहीं सोचा तो अब सोचिए,जरा मुक्त भाव से सोंचिए दिल्ली का वार मैमोरियल नया तीर्थ बन गया है, गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची पटेल प्रतिमा , विश्व पर्यटन केंद्र में बदल गई है।देश में आने वाले राष्ट्राध्यक्षों के लिए अब आगरा या शिमला समिट नहीं होती । राष्ट्राध्यक्ष अब साबरमती तट पर झूला झूलते हैं , काशी विश्वनाथ में गंगा महा आरती करते हैं, महाबलीपुरम में कृष्णा बटर बाल के नीचे बैठकर वार्ता करते हैं ,देशवासियों की मानसिकता भी अचानक तीर्थों के प्रति आकर्षित हुई है, देश की मथुरा, अयोध्या, कांची आदि प्राचीन सप्तपुरियों के प्रति आकर्षण बढ़ गया है, उत्तराखण्ड के जिस चार धाम में प्रतिवर्ष कुल मिलाकर 5 लाख यात्री पहुंचते थे , गत वर्ष 33 लाख पहुंचे । हरिद्वार आने वालों की संख्या 5 करोड़ को पार कर गई । वैष्णोदेवी जाने वालों की संख्या में 45 लाख यात्रियों की वृद्धि हुई । 80 लाख अधिक यात्री तिरुपति पहुंचे । महाबलीपुरम की यात्रा करने वालों की संख्या म...