नवरात्रि मे पूजा विधि व माँ के नों रूपों का महत्व
नवरात्रि मे पूजा विधि व माँ के नों रूपों का महत्व सतीश शर्मा नवरात्रि के पहले दिन , जो कि प्रतिपदा है, माता के शैलपुत्री रूप की पूजा की जाती है। शैलपुत्री माता – नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विधान है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण माता पार्वती को शैलपुत्री कहा जाता है। मां दुर्गा के नौ रूपों में शैलपुत्री प्रथम स्वरूप हैं। सौम्यता, करुणा और धैर्य का प्रतीक – आदिशक्ति के इस स्वरूप को सौम्यता, करुणा, स्नेह और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. माता को सफेद रंग की चीजें प्रिय हैं, इसलिए उन्हें सफेद बर्फी, दूध से बनी मिठाई, हलवा, रबड़ी या मावे के लड्डू आदि का भोग लगाना चाहिए नवरात्रि के दूसरे दिन माता दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती है, जो तपस्या, त्याग और वैराग्य का प्रतीक है. ब्रह्मचारिणी माता के बारे में – देवी ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, इसलिए उन्हें तपस्या का प्रतीक माना जाता है. उन्हें ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी भी माना जाता है. साधना और दृढ़ संकल्प – उनकी आ...