संदेश

नवंबर, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

काली के मंत्र का महत्व व लाभ

चित्र
  काली के मंत्र का महत्व व लाभ सतीश शर्मा    देवी काली पृथ्वी की दिव्य रक्षक हैं, जिन्हें कालिका माता  के नाम से जाना जाता है। लेकिन देवी की विनाशकारी शक्ति के कारण उन्हें काली माता के नाम से भी जाना जाता है। काली शब्द संस्कृत के  काल शब्द से आया है, काल का अर्थ समय है । इसलिए देवी काली समय, परिवर्तन, शक्ति, सृजन, संरक्षण और विनाश का प्रतिनिधित्व करती हैं। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि काली शब्द का अर्थ “काला” है यह काला की स्त्री संज्ञा है। देवी काली को पार्वती का उग्र रूप माना जाता है। माता पार्वती भगवान शिव की पत्नी है | जो भक्त  उनकी श्रद्धाभाव से पूजा करता है, उनके अच्छे कर्म के लिए अच्छे फल प्रदान करती हैं। हमको  मां काली की भक्ति के साथ पूजा करनी चाहिए | जो काली की पूजा उनके मंत्र का जप कर करते है माता उन पर अपना आशीर्वाद बनए रखती है  और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करतीं है । दुर्गा सप्तशती  के अनुसार, काली मां महान देवी की 10 महाविद्याओं या अभिव्यक्तियों में से पहली हैं। काली मां की पूजा पूरे देश में की जाती है। नेपाल, श्रीलंका के साथ-...

पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव

चित्र
पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव सतीश शर्मा    पिपलांत्री गाँव की सभी महिलाये वृक्षों को राखी बांधती है | इन सब की प्रेरणा है समाज सेवक 60 वर्ष के श्री  श्याम सुंदर पालीवाल जो राजस्थान के उदयपुर के राजमंदा जिले के पिपलांत्री गांव में रहते हैं । उनकी लगन, मेहनत व दूरदृष्टि ने ही पिपलांत्री को आज जैसा बनाया है। राजस्थान के भूरे रंग के विपरीत, पिपलांत्री अपनी हरियाली, वनस्पतियों और जीवों तथा पारिस्थितिकी-नारीवाद के लिए प्रसिद्ध है। बारहवीं पास सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सुंदर  पालीवाल ने अपने गांव को बदलने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का रास्ता खोज निकाला। कम  उम्र में एक मार्बल कंपनी में काम करने से लेकर पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त करने तक, वे कड़ी मेहनत, समर्पण और परिश्रम की मिसाल हैं। डेढ़ दशक पहले पिपलांत्री गांव पथरीला था। संगमरमर की खदानों के चलते यहां पेड़ पौधों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इतना ही नहीं यहा लज स्तर भी 900 फीट नीचे जा चुका था | जब से बेटियों की याद में यहां पौधे लगाने की शुरूआत हुई, तब से यहां की किस्मत ही बदल गई। अब यह क्षेत...

चंद्र ग्रह का प्रभाव व उपाय,शिव चालीसा ।

चित्र
चंद्र ग्रह नवग्रहों में सूर्य के बाद चन्द्रमा ज्योतिष में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रह है | चंद्र ग्रह कर्क राशी का स्वामी है |  कमजोर चंद्र के कारण होने वाले कष्ट -  व्यक्ति को स्त्री पक्ष से या स्त्री को लेकर कष्ट बना रहता है | हारमोंस की समस्या और अवसाद का योग बनता है नींद न आने की समस्या भी होती है,व्यक्ति बार बार नींद में चौंक कर उठ जाता है | व्यक्ति को माता का सुख नहीं मिलता या व्यक्ति के सम्बन्ध माता से ख़राब होता है | चंद्र दोष दूर करने के उपाय -  कुण्डली में उत्पन्न चंद्र   दोष   को दूर करने के लिए सर्वौत्तम   उपाय   है कि सोमवार के दिन भगवान शिव का गाय के दूध से रूद्राभिषेक करना चाहिए। स्फटिक की माला पहनने से भी चंद्र   दोष   से मुक्ति मिलती है। चंद्रोदय के समय दूध में चावल और बताशा डाल कर चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। चंद्र   नीच का हो तो   चंद्र   की चीजों का दान नही लेना चहिये। शिव चालीसा का नियमित पाठ   करें ।   चंद्र   पीड़ा की विशेष शांति हेतु चांदी, मोती, शंख, सीप, कमल और पंचगव्य मिलाक...

सूर्य ग्रह का हमारे जीवन पर प्रभाव

चित्र
  https://youtu.be/q2Q4DBAJfL4?si=BajAnhxFBS0jw2dc सूर्य ग्रह   सूर्य के गोचर का फल सूर्य के गोचर के दौरान कैसा फल प्राप्त होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य आपकी कुंडली या राशि से किस भाव में संचरण कर रहा है। क्योंकि सभी 12 भावों में सूर्य के गोचर का फल भिन्न-भिन्न होता है। जन्मकुंडली में चंद्रमा जिस भाव में स्थित होता है उसे लग्न भाव मानकर गोचर के ग्रहों का फलकथन कहा जाता है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे  शर्मा जी-931202527    रविवार को दीपदान करने से यश ,मान-सम्मान और वैभव मिलता है। कुंडली  में  सूर्य  बलवान होता है तो उसे यश और शोहरत की कोई कमी नहीं होती,वह अपने पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों से लाभ प्राप्त प्राप्त करता है,साथ ही साथ वह सामाजिक मान-सम्मान का भी हकदार बनता है। रविवार का दिन  सूर्य  भगवान को समर्पित  होता  है | रविवार का  उपवास रखने से घर में शांति और सुख- समृद्धि आती हैं| सूर्य का रत्न माणिक्य,सूर्य सिंह राशी के स्वामी है | सूर्य के खराब होने के लक्षण -  बार बार बिना गलती के भी अ...

गुरु तेग बहादुर - हिन्द की चादर

चित्र
  गुरु तेग बहादुर - हिन्द की चादर   सतीश शर्मा    गुरु तेग बहादुर (1621-1675) सिख धर्म के नौवें गुरु थे। वे एक महान आध्यात्मिक विद्वान और कवि थे, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्हें हिंद दी चादर’ के रूप में भी जाना जाता है, और उनके बलिदान ने 1675 में मुगल सम्राट औरंगजेब के शासनकाल में धर्म और न्याय के लिए संघर्ष को प्रेरित किया। जन्मः 1 अप्रैल, 1621 को अमृतसर, पंजाब में। उनके पिता छठे सिख गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब थेऔर माँ का नाम माता नानकी जी था। उन्होंने भाई गुरदास जी से गुरुमुखी, हिंदी, संस्कृत और भारतीय धार्मिक दर्शन की शिक्षा ली। इसके अतिरिक्त, बाबा बुद्ध ने उन्हें तलवारबाज़ी और घुड़सवारी का प्रशिक्षण दिया। उनका प्रारंभिक नाम त्यागमल था, जिसे बाद में उनकी बहादुरी और निडरता के कारण तेग बहादुर’ कर दिया गया।  माता गुजरी जी , जिनका जन्म 1624 में हुआ था, सिख इतिहास में गुरु तेग बहादुर जी की पत्नी और गुरु गोबिंद सिंह जी की माता के रूप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनका जीवन सिख धर्म के प्रति दृढ़ता, त्याग और अटूट भक्त...

सुख समृद्धि के लिए उपाय

चित्र
  भाग्य जगाने के लिए व परिवारिक उन्नति के लिए आप ये उपाय करे तो भाग्य जग जाता है व परिवार में सुख शांति समृद्धि आती हैं। पूर्णिमा के दिन व्रत रखें और पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं,सबेरे घी व सांयकाल सरसों के तेल का दीपक जलाएं । तुलसी में जल चढ़ाएं और शाम के समय दीपक जलाएं.  गुरुवार के दिन तुलसी में जल में थोड़ा दूध मिलाकर चढ़ाएं। गूलर की जड़ को कपड़े में बांधकर ताबीज़ में डालकर बाजू में बांधें। पीपल के पेड़ में दूध मिलाकर जल चढ़ाएं। तांबे का सिक्का लाल कपड़े से बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लगाएं। शनिवार के दिन कृष्ण वर्ण के पशुओं को रोटी खिलाएं।  गुरुवार के दिन ब्राह्मणों को पीले वस्त्र, फूल, चने की दाल, केसर, हल्दी या धार्मिक पुस्तकों का दान करें। केले के पेड़ की पूजा करें। पर्स में हल्दी की गांठ रखें। सूर्यास्त के बाद यानी शाम के समय घर के मुख्य द्वार के बाहर दीया जलाएं। भाग्य बदलने के लिए, आपको दृढ़ संकल्प करने की ज़रूरत है। आपको अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए। समस्या आप बताएं समाधान हम बताएंगे, समस्या है तो समाधान भी है, जन्म कुंडली बनवाने ...

जानकारी काल हिन्दी मासिक नवम्बर - 2025

चित्र
  जानकारी काल      वर्ष-26   अंक - 07        नवम्बर - 2025 ,  पृष्ठ 37   www.sumansangamaashray.com      प्रधान संपादक व  प्रकाशक  सतीश शर्मा   कार्यालय  ए 214 बुध नगर इंद्रपुरी  नई दिल्ली 110012  मोबाइल    9312002527  संपादक मंडल  सौरभ  शर्मा, कपिल शर्मा, गौरव शर्मा, डॉ अजय प्रताप सिंह,  करुणा ऋषि,  डॉ मधु वैध, राजेश शुक्ल   प्रकाशक व मुद्रक  सतीश शर्मा के लिय ग्लैक्सी प्रिंटर- 106 F, कृणा नगर नई दिल्ली 110029 , A- 214 बुध नगर इन्दर पूरी नई दिल्ली  110012 से प्रकाशित | सभी लेखों पर संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है पत्रिका में किसी भी लेख में आपत्ति होने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई केवल दिल्ली कोर्ट में ही होगी  R N I N0-68540/98 मूल्य 02-50  sumansangam.com jaankaarikaal.blogspot.com अनुक्रमणिका अपनों से अपनी बात - 3  मानव के लिए खतरा प्लास्टिक प्रदूषण - 4 लेख श्री गुरु नानक देव जी के श्री सूत्री सिद्धांत...