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नवंबर, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

काली के मंत्र का महत्व व लाभ

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  काली के मंत्र का महत्व व लाभ सतीश शर्मा    देवी काली पृथ्वी की दिव्य रक्षक हैं, जिन्हें कालिका माता  के नाम से जाना जाता है। लेकिन देवी की विनाशकारी शक्ति के कारण उन्हें काली माता के नाम से भी जाना जाता है। काली शब्द संस्कृत के  काल शब्द से आया है, काल का अर्थ समय है । इसलिए देवी काली समय, परिवर्तन, शक्ति, सृजन, संरक्षण और विनाश का प्रतिनिधित्व करती हैं। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि काली शब्द का अर्थ “काला” है यह काला की स्त्री संज्ञा है। देवी काली को पार्वती का उग्र रूप माना जाता है। माता पार्वती भगवान शिव की पत्नी है | जो भक्त  उनकी श्रद्धाभाव से पूजा करता है, उनके अच्छे कर्म के लिए अच्छे फल प्रदान करती हैं। हमको  मां काली की भक्ति के साथ पूजा करनी चाहिए | जो काली की पूजा उनके मंत्र का जप कर करते है माता उन पर अपना आशीर्वाद बनए रखती है  और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करतीं है । दुर्गा सप्तशती  के अनुसार, काली मां महान देवी की 10 महाविद्याओं या अभिव्यक्तियों में से पहली हैं। काली मां की पूजा पूरे देश में की जाती है। नेपाल, श्रीलंका के साथ-...

शुक्र ग्रह की जानकारी व उपाय,श्री लक्ष्मी चालीसा व आरती

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शुक्र ग्रह आकाश मंडल में  बुध ग्रह के बाद शुक्र ग्रह का स्थान है | शुक्र ग्रह,सूर्य व  चंद्र  के बाद सबसे प्रकाशवान ग्रह  हैं बृहस्पति के साथ-साथ शुक्र को भी मंत्रिपरिषद में मंत्री पद मिला है | शुक्र का रंग सफेद, प्रवृत्ति वात, ब्राह्मण जाति, जल तत्व, स्त्रीलिंग, गुण  शुभ, वसंत ऋतु, तुला और वृषभ राशि का स्वामी, रत्न मोती , धातु चांदी , जन्म कुंडली में साथ में घर का स्वामी,शुक्र अंक 6  3,12, 21 व 29 तारीख को जन्मे लोगों के साथ किसी प्रकार का कारोबार संबंध नहीं रखना चाहिए  5 6 8 14 15 17 23 24 व  26 तारीख में जन्मे हुए लोगों के साथ कारोबार करते हैं या मित्रता करते हैं तो लाभ होने की संभावना होती है |  शुक्र के विकार  मेष राशि में शुक्र हो तो नेत्र विकार होती हैं   वृषभ राशि में शुक्र होने पर गले में सूजन खांसी  मिथुन राशि में शुक्र हो तो चेहरे पर फुंसियां कील मुंहासे  कर्क राशि में शुक्र हो तो पेट फूलना बीमा चलाना  सिंह राशि में शुक्र हो तो ह्रदय विकार  कन्या राशि में शुक्र होने पर अतिसार का रोग  तुला रा...

बृहस्पति ग्रह कि जानकारी व उपाय, श्री श्याम चौरासी ,श्याम जी की आरती

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  बृहस्पति ग्रह बृहस्पति ग्रह  को अंग्रेजी में ज्यूपिटर भी कहते हैं। कुंडली में देव गुरु बृहस्पति मजबूत स्थिति में हों, तो व्यक्ति की किस्मत चमक जाती है. उसकी आंखों में चमक और चेहरे पर तेज होता है. वो व्यक्ति किसी को भी अपने ज्ञान के समक्ष झुकाने की पूरी ताकत रखता है | यदि किसी की कुंडली में गुरु कमजोर स्थि​ति में हो तो जीवन में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, भाग्य साथ नहीं देता और वैवाहिक परेशानियां आती हैं | बृहस्पति ग्रह को देव गुरू कहा गया है.गुरु: इस ग्रह के प्रभाव से दंतरोग, स्मृतिहीनता, अंतड़ियों का ज्वर, कर्णपीड़ा, पीलिया, लीवर की बीमारी, सिर का चक्कर, पित्ताशय के रोग, रक्ताल्पता, नींद न आने की बीमारी, शोक आदि शारीरिक कष्ट-कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। बृहस्पति ग्रह को इस तरह करें मजबूत- प्रत्येक गुरुवार शिवजी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।गुरुवार को व्रत करें। मन्त्र का जाप न्यूनतम 108 बार जरूर करें। इस दिन पीली वस्तुओं का दान अपनी सार्म्थ्यनुसार करें। गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाएं और फिर विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। बृहस्पति ग्रह का मन्त्र - प्रथम म...

पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव

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पर्यावरण योद्धाओ का पिपलांत्री गाँव सतीश शर्मा    पिपलांत्री गाँव की सभी महिलाये वृक्षों को राखी बांधती है | इन सब की प्रेरणा है समाज सेवक 60 वर्ष के श्री  श्याम सुंदर पालीवाल जो राजस्थान के उदयपुर के राजमंदा जिले के पिपलांत्री गांव में रहते हैं । उनकी लगन, मेहनत व दूरदृष्टि ने ही पिपलांत्री को आज जैसा बनाया है। राजस्थान के भूरे रंग के विपरीत, पिपलांत्री अपनी हरियाली, वनस्पतियों और जीवों तथा पारिस्थितिकी-नारीवाद के लिए प्रसिद्ध है। बारहवीं पास सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सुंदर  पालीवाल ने अपने गांव को बदलने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का रास्ता खोज निकाला। कम  उम्र में एक मार्बल कंपनी में काम करने से लेकर पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त करने तक, वे कड़ी मेहनत, समर्पण और परिश्रम की मिसाल हैं। डेढ़ दशक पहले पिपलांत्री गांव पथरीला था। संगमरमर की खदानों के चलते यहां पेड़ पौधों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इतना ही नहीं यहा लज स्तर भी 900 फीट नीचे जा चुका था | जब से बेटियों की याद में यहां पौधे लगाने की शुरूआत हुई, तब से यहां की किस्मत ही बदल गई। अब यह क्षेत...

चंद्र ग्रह का प्रभाव व उपाय,शिव चालीसा ।

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चंद्र ग्रह नवग्रहों में सूर्य के बाद चन्द्रमा ज्योतिष में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रह है | चंद्र ग्रह कर्क राशी का स्वामी है |  कमजोर चंद्र के कारण होने वाले कष्ट -  व्यक्ति को स्त्री पक्ष से या स्त्री को लेकर कष्ट बना रहता है | हारमोंस की समस्या और अवसाद का योग बनता है नींद न आने की समस्या भी होती है,व्यक्ति बार बार नींद में चौंक कर उठ जाता है | व्यक्ति को माता का सुख नहीं मिलता या व्यक्ति के सम्बन्ध माता से ख़राब होता है | चंद्र दोष दूर करने के उपाय -  कुण्डली में उत्पन्न चंद्र   दोष   को दूर करने के लिए सर्वौत्तम   उपाय   है कि सोमवार के दिन भगवान शिव का गाय के दूध से रूद्राभिषेक करना चाहिए। स्फटिक की माला पहनने से भी चंद्र   दोष   से मुक्ति मिलती है। चंद्रोदय के समय दूध में चावल और बताशा डाल कर चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। चंद्र   नीच का हो तो   चंद्र   की चीजों का दान नही लेना चहिये। शिव चालीसा का नियमित पाठ   करें ।   चंद्र   पीड़ा की विशेष शांति हेतु चांदी, मोती, शंख, सीप, कमल और पंचगव्य मिलाक...

सूर्य ग्रह का हमारे जीवन पर प्रभाव

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  https://youtu.be/q2Q4DBAJfL4?si=BajAnhxFBS0jw2dc सूर्य ग्रह   सूर्य के गोचर का फल सूर्य के गोचर के दौरान कैसा फल प्राप्त होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य आपकी कुंडली या राशि से किस भाव में संचरण कर रहा है। क्योंकि सभी 12 भावों में सूर्य के गोचर का फल भिन्न-भिन्न होता है। जन्मकुंडली में चंद्रमा जिस भाव में स्थित होता है उसे लग्न भाव मानकर गोचर के ग्रहों का फलकथन कहा जाता है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे  शर्मा जी-931202527    रविवार को दीपदान करने से यश ,मान-सम्मान और वैभव मिलता है। कुंडली  में  सूर्य  बलवान होता है तो उसे यश और शोहरत की कोई कमी नहीं होती,वह अपने पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों से लाभ प्राप्त प्राप्त करता है,साथ ही साथ वह सामाजिक मान-सम्मान का भी हकदार बनता है। रविवार का दिन  सूर्य  भगवान को समर्पित  होता  है | रविवार का  उपवास रखने से घर में शांति और सुख- समृद्धि आती हैं| सूर्य का रत्न माणिक्य,सूर्य सिंह राशी के स्वामी है | सूर्य के खराब होने के लक्षण -  बार बार बिना गलती के भी अ...