शुक्र ग्रह आकाश मंडल में बुध ग्रह के बाद शुक्र ग्रह का स्थान है | शुक्र ग्रह,सूर्य व चंद्र के बाद सबसे प्रकाशवान ग्रह हैं बृहस्पति के साथ-साथ शुक्र को भी मंत्रिपरिषद में मंत्री पद मिला है | शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, आकर्षण, भौतिक सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। विभिन्न राशियों में स्थित होने पर शुक्र जातक के स्वभाव, रिश्तों और जीवनशैली को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करते हैं। कुंडली के अलग-अलग भावों (भागों) में स्थित होने पर यह जातक को शानदार वाहन, ऐशो-आराम, कलात्मक रुचि और सुखी दांपत्य जीवन प्रदान करता है, हालांकि कमजोर होने पर विपरीत परिणाम भी देता है। प्रत्येक राशि पर शुक्र का विस्तृत प्रभाव नीचे दिया गया है- मेष राशि - इस राशि में शुक्र होने पर जातक साहसी, कलाप्रेमी और घूमने-फिरने के शौकीन होते हैं। प्रेम संबंधों में वे थोड़े आक्रामक हो सकते हैं और अपनी पसंद के जीवनसाथी को पाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। वृषभ राशि - यह शुक्र की अपनी राशि है। यहाँ शुक्र जातक को बेहद आकर्षक, धनवान, उदार और वफादार बनाता है। ऐसे लोग भौतिक सुखो...
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